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गढ़वाली कवितायें एवं गीत :- महेन्द्र सिंह राणा 'आजाद'

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शुक्रवार, 4 अक्तूबर 2013

सब बोsगी गै हरिदवार !


पीड़ी-पुस्तेsनी बटी

पुरखोंsन बचैs के

मिम सौंपी छौं जु घरवार,

ऐसुं चौमास इन कुकुरगत ह्वै

नि बटोरी से मि कुछ

सब बोsगी गै हरिदवार !


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महेन्द्र सिंह राणा 'आजाद'