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गढ़वाली कवितायें एवं गीत :- महेन्द्र सिंह राणा 'आजाद'

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शुक्रवार, 6 जुलाई 2012

फुलोँ की डाई अर काण्ड़ा !




"फुलोँ की डाई दगड़ भी माया लगै के देख्याँ

काण्ड़ा भी तुमु दगड़ी माया लगाली

फूल द फूल ई छन अर रैला

पर काण्ड़ु भी फूल बणी के दिखाली॥"

महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
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