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गढ़वाली कवितायें एवं गीत :- महेन्द्र सिंह राणा 'आजाद'

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शनिवार, 7 जनवरी 2012

आज त त्येरी याद छ:

आज त त्येरी याद छ: 
"तेरी याद औणी च प्यारी आज परदेश जै के  
पुरेणी शिवरात्रि याद ऐगे आज परदेश जै के॥१॥

याद औणा वूँ दिन जब हम म्योड़ा मा साथ घूमणा ची
आज परदेश जै के वे स्वाणौं दिन की याद औणी च॥२॥

याद औणा वु दिन जब मी एकटक त्वे देखी रोन्दा
आज परदेश मा तेरी मुखड़ी नि देखी के रुन्दा॥३॥

मी लुक-छुप के त्वे से प्यार छों करदु
म्यारा प्यार की त्वे तैँ खबर नि चलदु ॥४॥

याद आन्दी-रेन्दी तेरी मीते हमेशा दिन रात
कन व्होलु वु दिन जब होली प्यार की बात॥५॥

मी त्वे से अपु जन से ज्यादा प्यार करदु छ:
लेकिन तवे तें बतोण में मेरो दिल डरदू छ:॥६॥  

आज दूसरी शिवरात्रि तें ये लेख छ लेखणु
मी त्वे से कति प्यार करदु ये शिवजी ही ज्याण्दुं॥७॥  

'आजाद' आज बोलदु  जरूर आलु दिन वु  
जब तू मीते खुद बोलेली आई लव यू॥८॥"



महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - २६/०२/२००६'