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गढ़वाली कवितायें एवं गीत :- महेन्द्र सिंह राणा 'आजाद'

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शनिवार, 28 जनवरी 2012

"मि छों गढ़देशी"





निस कैलाश कु छाला बसी देवभूमि ते मेरु परणाम
भगवान भोलेक भूमि गढ़देश ते झिकुडी से लगाण॥१॥
                   मि छों गढ़देशी अर यी छ मेरी पछ्याण
                   यखी माया लाण अर ये का बाना ही जाण॥२॥
इनी माया लगोण की दुनियान देखि रे जाण
मि छों गढ़देशी मिन त गीत यखी का गाण॥३॥
                   बांजेक जड्यू कु ठंडों पाणि अर रोटी कोदे की खाण
                   हिसोल, काफल, स्यु अर पुलम छकी के चबाण॥४॥
छोड़ी की सब, बाटा उकाल का ही जै लगाण
बिपदा त आणे रली पर हमेश गुत्थी सुलझाण॥५॥
                   पुरखों की पोराई गढ़देश ते सब्यु मा सुफल बनाण
                   पुरखों का देख्या सुपन्या अब उनु ते नि रूसाण॥६॥
अजैपालेक सै खोद्धि छ हमुन त महल बनाण
बीर-भड़ु कु कमायु गढ़देश अब हमुन सजाण॥७॥
                   इष्ट देवी माँ भगवती की खुट्यू मा जिंदगी बिताण
                   चार धामो की महता यख हमेश सेवा लगाण॥८॥
आजाद बुणु हे! गढ़देशियों सब्यून बौड़ी ऐ जाण
मि छों गढ़देशी ये ते बनौण अपरि पछ्याण॥९॥


महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - २०/०१/२०१२ 

शनिवार, 21 जनवरी 2012

“दगरियों का गैल”



“मन मा खुशी होन्दी
गैल दगरियों का जब मी रेन्दु
झिकुडी कु बिस्वाष जगेन्दु
गैल दगरियों का जब भी रेन्दु,
             उबाई रे झिकुडी
             निसास लगी, झुरी रे प्राण
             दगरियोंक फाम औणी रे
             इनु दिनोन बॉडी के नि आण,
काखड़ी, संतरा, दाड़िम
अर चोरी स्यो का बग्वान भी
केन द मंदिरों पुज्ये भी खाई
नि छोड़ी भगवान भी,
             सारा सारा दिन घूमी
             रात खुणि निंद नि आई
             भोल जै के क्या होलु
             ये सोची के निंद नि आई,
उठी के सुबेर
दूनी-प्रिथी कु चक्कर
न खे, न पिनि
खेलदा रे दिनभर,
             याद जब दगरियों की आन्दी
             आख्यों मा पाणी ही होन्दु
             ‘आजाद आज भी नि भूली
             हे! तुमु ते क्ने बिसरी जान्दु।”


महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - २०/०१/२०१२ 

रविवार, 15 जनवरी 2012

मेरो गौं मुलुक


पैलि कति बड़िया ची मेरो गौं मुलुक
अब कतक्या बदलीगे यख का यूँ लोग,
पैलि सब आपस मा स्यों-सिमेन लगूँ छि
अब यख हैलो-हाय, गुड़-बाय बोल्दा छि,
पैलि नांगा खुट्योन क्ख-क्ख दौड़या चि
अब भैर-भितर जाण तै हिल वाड़ा बूट चि,
पैलि सब बुड्या बैठी के तम्बाकू घुड़-घुड़ करदा छिन
अब ज्वान नौन्याड़ गुटका-सिगरेट खाण्या छिन,
पैलि ब्याखुनी सब बैठी के औण्ण-कथा बरात लगूँ छिन
अब यख आपस मे क्वे प्यार से बोल्दा भी नी छिन,
आजाद की आंख्यों मा आज पाणी ऐ गे
क्वी द मेरो मुलुक मीते वापस लोटे दे।


महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - ०७/०६/२००६ 

सोमवार, 9 जनवरी 2012

बौड़ी ऐजा गढ़देशी


डांडी-कांठी धै लगाणी
रौड़ी-दौड़ी तू ऐ
ज्यू नि लग्दु त्वे बिगेर
प्न्देरी भी खुदेणी रे॥१॥

सैरा-सोपाटा, गौं-डिंड्याली
त्येरु बाटु देखणा चा
बौडी ऐजा मेरा लाटा
उरख्याली धाद लगाणी चा॥२॥ 

कफुवा-घिनुडी अर घुघुति
त्यारा ही गीत गान्दा
गुणी-बाँदर की टोली भी
त्वे ते ही टोक मारदा॥३॥

काखड़ी-मुंगरी, गौं का अल्वाड़
त्येरी खुट्यो ते जुगाया
नारेणो मंदिर अर भगवती थान
त्येरी पुज़्ये ते रुसाया॥४॥

निस धार मा त्येरी कुड़ी-बाड़ी
खोज्याणी च आज त्वे ते
कुड़ी-बाड़ी यख खेली के
सुपन्यु ते किले बिसरी गै॥५॥

गौं की पधानी बौडी
त्येरी छ्वीं लगाणी च
किले नि आणु मास्ता तू घौर
पूरा गौं गयाणु च॥६॥

माँ, त्यारा बाबू भी
अब आंशु नि पौछ्दा
इन आंशुओ की गाड़ मा
त्येरी मुखुदी देखदा॥७॥

बौड़ी ऐजा म्यारा गढ़देशी
यों गढ़देश ते त्येरी जरूरत चा
रौड़ी-दौड़ी ऐजा परदेशी
'आज़ाद' भी अब घौर जाण्यु चा॥८॥



महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - २०/१२/२०११ 

शनिवार, 7 जनवरी 2012

आज त त्येरी याद छ:

आज त त्येरी याद छ: 
"तेरी याद औणी च प्यारी आज परदेश जै के  
पुरेणी शिवरात्रि याद ऐगे आज परदेश जै के॥१॥

याद औणा वूँ दिन जब हम म्योड़ा मा साथ घूमणा ची
आज परदेश जै के वे स्वाणौं दिन की याद औणी च॥२॥

याद औणा वु दिन जब मी एकटक त्वे देखी रोन्दा
आज परदेश मा तेरी मुखड़ी नि देखी के रुन्दा॥३॥

मी लुक-छुप के त्वे से प्यार छों करदु
म्यारा प्यार की त्वे तैँ खबर नि चलदु ॥४॥

याद आन्दी-रेन्दी तेरी मीते हमेशा दिन रात
कन व्होलु वु दिन जब होली प्यार की बात॥५॥

मी त्वे से अपु जन से ज्यादा प्यार करदु छ:
लेकिन तवे तें बतोण में मेरो दिल डरदू छ:॥६॥  

आज दूसरी शिवरात्रि तें ये लेख छ लेखणु
मी त्वे से कति प्यार करदु ये शिवजी ही ज्याण्दुं॥७॥  

'आजाद' आज बोलदु  जरूर आलु दिन वु  
जब तू मीते खुद बोलेली आई लव यू॥८॥"



महेन्द्र सिँह राणा 'आजाद'
 © सर्वाधिकार सुरक्षित
दिनाँक - २६/०२/२००६'